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SOME UNIQUE INNOVATIVE PROJECT DONE BY THE CLUB IN PAST
सन् 1970 में पलटन बाजार में हमनें एक स्लम ऐरिया को चुना जहां बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं शैक्षिक विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई एवं बुनाई का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
सन् 1975 में कल्याणी केन्द्र प्रारम्भ किया गया इसके अन्तर्गत हमारे द्वारा प्रशिक्षित व अनुभवी शिक्षिका द्वारा सिलाई, कढ़ाई, मेहन्दी इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह केन्द्र महिलाओं तथा लड़कियों को स्वावलम्बी बनाने में बहुत लाभदायक सिद्ध हुआ है। कोर्स पूरा करने के पश्चात् सर्टिफिकेट भी प्रदान किये जाते है।
सन् 1991 में वन विभाग द्वारा हमारे क्लब को आनासागर लिंक रोड़ का एक भूखण्ड दिया जहां हमनें पेड़-पौधे पर्यावरण विकास के लिए लगाये गये। हमारी सदस्याओं ने ही इसकी देखरेख की जिसका नाम इनर व्हील वाटिका रखा गया।
सन् 1997 में शास्त्री नगर में इनर व्हील वाटिका बनाई गई जिसमें डि. चेयरमैन के हाथों वृक्षारोपण किया गया।
सन् 1997 में महिलाओं में जागृति लाने हेतु तथा दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने हेतु क्लब द्वारा महिलाओं के लिये नि:शुल्क फिल्म शो "राजा की आयेगी बारात" का आयोजन किया गया।
सन् 2000 में प्रथम देश के लिए मर मिटने वाले कारगिल के जवान शहीदों के परिवार की सहायतार्थ क्लब व बहिनों द्वारा 3 लाख रू. की राशि भेजी गई। जिला प्रशासन व सिटीजन कौंसिल के द्वारा कारगिल में हूए शहीदों हेतु निकाली गई विशाल रैली में हमारी बहिनों ने भाग लिया और 45 लाख रू. की राशि एकत्रित की गई।
सन् 2000 में उड़ीसा में आए भूकम्प से पीड़ित निवासियों की सहायतार्थ 200 जोड़े कपड़े, 51 साड़ियां, 11000/- रू. के गरम कपड़े, शॉल कम्बल आदि, 3 बोरे चावल, 300 पैकेट बिस्कुट भेजे गए।
सन् 2000 में वृद्धजनों की सेवार्थ इनर व्हील द्वारा एक कमरा गोद लिया गया व जरूरत की सभी सुविधाएं क्लब बहनों द्वारा दी गई। इस पर करीब 30,000/- रूपये खर्च किये गए।
सन् 2001 शहर की अग्रणी कॉलोनी शास्त्री नगर में इनर व्हील सिर्कल का निर्माण किया गया।
सन् 2001-2002 में इनर व्हील क्लब द्वारा जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में Burn Unit गोद लिया गया और इस यूनिट में इस साल क्लब ने 25,000/- रूपये का लैम्प जो सर्जरी के दौरान काम आता है, दो पेडेस्टल पंखे और 15,000/- रूपये की व्हील चेयर इस यूनिट को सहायतार्थ भेंट दी गई।
सन् 2002 में अजमेर जिले में अकाल की स्थिति एवं पानी की किल्लत को देखते हुए इनर व्हील ने एक विशेष प्रोजेक्ट लिया जिसके तहत दूर-दराज गांव में 10 हैण्डपम्प खुदवाकर तथा 5 बन्द हैण्डपम्प को ठीक करवाया गया।
सन् 2002 में Polio Erradication कैम्प में 15 पोलियोग्रस्त बच्चों के ऑपरेशन करवाये गये एवं Calipers भी दिये गये।
सन् 2003-2004 में पोलियो प्लस हमारा मुख्य प्रोजेक्ट है तथा इसकी जागरूकता हेतु विशाल "पोलियो मुक्ति सेना" का संगठन किया गया।
सन् 2003-2004 में क्लब द्वारा Fund Raising Project किया गया जिसके अन्तर्गत दिसम्बर माह में "कांटे" फिल्म का "चैरेटी शो" आयोजित किया गया। इस प्रोजेक्ट के द्वारा इनर व्हील संस्था का बेहतरीन जन सम्पर्क स्थापित हुआ।
सन् 2003-2004 में राजस्थान भीषण अकाल एवं पानी की तंगी से जूझ रहा था। कई गरीब लोग भूख के मारे असमय मौत के आगोश में समा रहे थे, पशु चारे तथा पानी के अभाव में तड़प् रहे थे। इस असहनीय स्थिति में जूझने के लिये इस वर्ष क्लब ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है :-
क्लब द्वारा नरवर गांव में रूपये 40,000/- का अनाज वितरित किया गया। गांव के प्रत्येक 90 परिवारों में एक बोरी आटा, 5 किलो दाल, नमक तथा तेल वितरित किया गया।
नरवर गांव में पानी की तंगी से बेहाल लोगों को राहत पहुंचाने हेतु एक प्याऊ का निर्माण करवाया गया। प्याऊ पर टेंकर द्वारा पानी नियमित रूप से पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
सन् 2006-2007 में विशेष समाज कल्याण द्वारा चलाये जा रहे वृद्धाश्रम में फैली अव्यवस्थाओं को क्लब द्वारा पहल कर मीडिया द्वारा सभी जन में बताया गया, उसी के परिणामस्वरूप समाज कल्याण ने वृद्धाश्रम के लिए जमीन दी व अब इनर व्हील क्लब की पहल कर जन सहयोग द्वारा पूरा भवन बनवाया गया। जिसमें रसोई, स्टोर, 3 बडे हॉल, स्नानगृह एवं शौचालय तथा बॉक्स रूम सहित बनवाया गया। प्याऊ मंदिर में गणेशजी की प्रतिमा सहित जानवरों के पानी की खेली, बिजली, पानी की पूरी फिटिंग की गई। आश्रम में पंखे, कूलर, पर्दे, घडियां, पलंग, गैस चूल्हा, रेफ्रिजरेटर, मिक्सी और अन्य साज-सज्जा की गई।
सन् 2007 में प्लस पोलियो के प्रति जागृति के लिए मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया।
सन् 2007 में राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय, क्रिश्चयन गंज, अजमेर में होम साईन्स प्रयोगशाला बनाई गई उसमें 2 गैस चूल्हे, रेफ्रिजरेटर, इलेक्ट्रिक ओवन, बर्तन, सिलाई मशीन, 2 स्टील वॉश बेसिन, फर्स्ट एड किट, बैड फॉर ट्रेनिंग गलर्स टू एडमिनिस्टर मेडिकल फर्स्ट एड प्रदान किये गये। इस गृह विज्ञान प्रयोगशाला में लड़कियों को कुकिंग, बाटिक पेंटिग एवं स्टीचिंग सिखाया जाता है। इससे छात्राएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बन सकती है।
सन् 2007 में एच.आई.वी. एड्स से पीड़ित बच्चों के लिए 15 हॉस्पिटल बैड्स, अटेंडेंट बैंच, बेडसाइड कबर्ड बोर्ड, एग्जामिनेशन टेबल, आई.वी. रोड़, ओवर बेड टेबल, रिवाल्विंग स्टूल, मैट्रेसेस, पिलोज कवर दिये गए।
पिछले 30 साल से क्लब द्वारा हैल्थ टू हैण्डीकेप प्रोजेक्ट हेतु दो ट्राई साईकिल हर वर्ष उपलब्ध करवाई जा रही है।
हमारे द्वारा 2008 में बिहार रिलीफ़ फंड में भी आर्थिक सहायता की गयी
हमारे द्वारा 2008 में मूक बधिर विद्यालय में Recycle Material Workshop आयोजित किया गया. जिसमे Paper Bags, Candle Making, Chalk Making एवं Multipurpose बॉक्स बनाना सिखाया गया.
हमारे द्वारा 2008 में तीन Orphan H.I.V. AIDS से पीड़ित बच्चों को गोद लिया गया है ताकि ये सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक उपेक्षा के शिकार ना हों.
हमारा क्लब प्रति वर्ष अगस्त माह में 01 से 07 Breast Feeding Week के रूप में मनाता है. इसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. स्तन पान की महत्त्वता के लिए रैली निकाली जाती है तथा Pamphlets बांटे जाते हैं. इसकी जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार किया जाता है.
वर्ष 2008 में राजकीय जनाना अस्पताल में 8 beds with mattresses, 2 ralinng beds with mattresses, 10 bed sheets sets, 10 blankets 1 ECG Single Channel Machine तथा 5 heaters प्रदान किये गए.
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